मेरी आवाज़ ही पहचान है ? [Video Presentation]
by pavanjha on Aug.01, 2010, under 50s, 60s, Artists, People, Trivia
फ़िल्मों में तीस के दशक में पार्श्वगायकी के दौर के शुरु होने के बाद पार्श्व गायकों ने फ़िल्म और संगीत रसिकों से एक अनूठा रिश्ता कायम किया।
“आवाज़ का रिश्ता!”
भारतीय फ़िल्मों के स्वर्णिम दौर में कई महान गायकों ने अपनी आवाज़ के जादू से, रुपहले पर्दे पे आए बिना, सुनने वालों के दिल में एक अमिट स्थान बना लिया…
उनकी आवाज़ उनके व्यक्तित्व की अमिट पहचान बन गयी।
इनमें से कई गायक परदे पर अभिनेता के रूप में कई बार अवतरित भी हुए। कुछ मुख्य तो कुछ चरित्र भूमिकाओं में… जब भी इन गायकों पर परदे पर गीत फ़िल्माए गए तो ये नामुमकिन सा था कि अपने खुद के किरदार के लिये किसी और का पार्श्व गायन हो…
मगर इस मायानगरी की माया अनूठी है, अन्दाज़ निराले हैं!
ऐसे भी मौके आये, जब इन महान गायकों को (खासकर किशोर कुमार) को अन्य गायकों की आवाज़ उधार लेनी पड़ी…
जब इनकी आवाज़ परदे पर इनकी पहचान ना रही….
आइये, देखें ऐसे ही कुछ लम्हे, कुछ गीत, उधार की आवाज़ के साथ!
साथ ही प्रस्तुत हैं, कुछ ऐसे भी गीत जब ये गायक, अभिनेता ना होने के बावज़ूद पर्दे पर गीतों पे अवतरित हुए, और आवाज़ के रिश्ते के साथ साथ पर्दे पर भी एक रिश्ता कायम किया!
(प्रस्तुति 15 मिनट की है, मगर youtube पे 10 मिनट की सीमा की वजह से कई जगह छोटी कर दी गई है, जिसका असर गानों मे परिवर्तन के समय थोड़ा सा म्हसूस किया जा सकता है।)

August 2nd, 2010 on 12:30 pm
Enjoyed immensely the upload. Thanks Pavan ji.
Rajendra Bora