’सदियों में एक…आशा’ का विमोचन
by mdsoni on Jan.09, 2010, under Artists, Books, General, Special Events
विख्यात गायिका आशा भोसले ने पिछले साल अपनी जिंदगी के 77 साल पूरे कर लिए हैं। इसी सिलसिले में उनके गाए 177 विशिष्ट गीतों को लेकर इंदौर के लता दीनानाथ मंगेशकर रिकार्ड संग्रहालय ने किताब ‘सदियों में एक… आशा’ का प्रकाशन किया है। अजातशत्रु की लिखी इस किताब का विमोचन पिछले दिनों मुंबई में बीते जमाने की गायिका सुधा मल्होत्रा ने किया। भारतीय विद्या भवन में आयोजित विमोचन समारोह में पुराने दौर की गायिका मधुबाला झवेरी, गीतकार नक्श लायलपुरी, केशव त्रिवेदी, म्यूजिक अरेंजर किशोर देसाई, कमाल अमरोही के बेटे शानदार अमरोही, वरिष्ठ अनाउंसर मनोहर महाजन और सिने संगीत मर्मज्ञ नलिन शाह जैसी हस्तियां शामिल हुईं। दूरदराज से आए संगीत प्रेमी भी बड़ी तादाद में मौजूद थे। विविध भारती के लोकप्रिय उद्घोषक युनुस खान ने दिलचस्प अंदाज में कार्यक्रम का संचालन किया। कमी थी तो बस, आशा भोसले की, जो एक कमर्शियल कंसर्ट के सिलसिले में दुबई में थीं।
सुधा मल्होत्रा ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि ‘वाकई आशाजी जैसी गायिका सदियों में पैदा होती हैं। ऐसा लगता है कि वे सदियों से गा रही हैं और आने वाली कई सदियों तक उनकी आवाज गूंजती रहेंगी। 575 पेज की इस किताब में अजातशत्रु ने आशा भोसले के सुरों से सजे 177 फिल्मी और गैर-फिल्मी गीतों का अपनी खास स्टाइल में गहराई से विश्लेषण किया है। इस ग्रंथ के प्रकाशक हैं जाने-माने संगीत संग्राहक सुमन चौरसिया, जिन्होंने फिल्मी और गैर-फिल्मी रिकार्ड्स के अपने अनूठे खजाने को न सिर्फ अपने गांव पिगडंबर (इंदौर) में ‘लता दीनानाथ मंगेशकर ग्रामोफोन रिकार्ड संग्रहालय के रूप में सजाया है, बल्कि फिल्म संगीत पर खास पुस्तकों के प्रकाशन का बीड़ा भी उठाया है। लता मंगेशकर के 80 दुर्लभ मधुर गीतों और उनके संगीतकारों पर प्रकाशित ‘बाबा तेरी सोनचिरैया’ बाद यह इस सिलसिले की दूसरी कड़ी है।
एम. डी. सोनी
समारोह के कुछ चित्र संलग्न हैं
